Thursday, January 28, 2021

पाठ १०० वा - दुसर्‍या गणाचे आत्मनेपदी धातू

पाठ १०० वा - दुसर्‍या गणाचे आत्मनेपदी धातू


सू ( . .) जन्म देणे

आत्मनेपदी वर्तमानकाळ


सुवे सूवहे सूय़्महे

सूषे सुवाथे सूध्वे

सूते सुवाते सुवते


आत्मनेपदी प्रथम भूतकाळ


असुवि असूवहि असूमहि

असूथा: असुवाथाम् असूध्वम्

असूत असुवाताम् असुवत


आत्मनेपदी आज्ञार्थ


सुवै सुवावहै सुवामहै

सूष्व सुवाथाम् सूध्वम्

सूताम् सुवाताम् सुवताम्


आत्मनेपदी विध्यर्थ


सुवीय सुवीवहि सुवीमहि

सुवीथा: सुवीयाठाम् सुवीध्वम्

सुवीत सुवीयाताम् सुवीरन्


अधि + ( . .) शिकणे

 (अधि उपसर्ग लागला कीहा परस्मैपदी धातू आत्मनेपदी होतो.

 

आत्मनेपदी वर्तमानकाळ


अधीये अधीवहे अधीमहे

अधीषे अधीयाथे अधीध्वे

अधीते अधीयाते अधीयते


आत्मनेपदी प्रथम भूतकाळ


अध्यैयि अध्यैवहि अध्यैमहि

अध्यैथा: अध्यैयाथाम् अध्यध्वम्

अध्यैत अध्यैयाताम् अध्यैयत


आत्मनेपदी आज्ञार्थ


अध्ययै अध्ययावहै अध्ययामहै

अधीष्व अधीयाथाम् अधीध्वम्

अधीताम् अधीयाताम् अधीयताम्


आत्मनेपदी विध्यर्थ


अधीयीय अधीयीवहि अधीयीमहि

अधीयीथा: अधियीयाथाम् अधीयीध्वम्

अधीयीत अधीयीयाताम् अधीयीरन्


ईश् ( . .) अधिकार चालवणे

आत्मनेपदी वर्तमानकाळ


ईशे ईश्वहे ईश्महे

ईशिषे ईशाथे ईशिध्वे

ईष्टे ईशाते ईशते


आत्मनेपदी प्रथम भूतकाळ


ऐशि ऐश्वहि ऐश्महि

ऐष्ठा: ऐशाथाम् ऐड्ढ्वम्

ऐष्ट ऐशाताम् ऐशत


आत्मनेपदी आज्ञार्थ


ईशै ईशावहै ईशामहै

ईशिष्व ईशाताम् ईशिध्वम्

ईष्टाम् ईशाताम् ईशताम्


आत्मनेपदी विध्यर्थ

 

ईशीय ईशीवहि ईशीमहि

ईशीथा: ईशीयाथाम् ईशीध्वम्

ईशीत ईशीयाताम् ईशीरन्





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